विशेष कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं का सम्मान

 विशेष कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं का सम्मान

भरतपुर। महिला अधिकारिता विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से पोषण अभियान के तहत जिला स्तर पर विशेष कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया। जिला कलेक्टर नथमल डिडेल ने स्थानीय यूटीआई ऑडिटोरियम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया।
इस कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा आशा सहयोगिनी को छोटे-छोटे बच्चों में पोषण अभियान को सही तरीके से वितरण तथा उन बच्चों की उचित स्वास्थ्य की देखभाल करने आदि के लिए यह सम्मान दिया गया।
इसी कड़ी में जिले में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विशेषकर बालिकाओं को भी प्रशस्ति पत्र एवं नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इन बालिकाओं ने 10वीं और 12वीं में अच्छे अंकों के साथ पास किया था, पुरस्कार स्वरूप उन्हें एक प्रशस्ति पत्र तथा 5000 रू. नगद पुरस्कार के रुप में मिला।
बेटी बचाओ तथा बेटी बढ़ाओ एवं बाल विवाह से मुक्त साझा अभियान के सफल संचालन के लिए नृपेंद्र सिंह जिला समन्वयक एक्शन एड यूनिसेफ को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। विदित हो कि राजस्थान के 16 जिलों में प्रथम चरण में बाल विवाह से मुक्त करने का अभियान सरकार द्वारा चलाए जा रहा है इसी कड़ी में भरतपुर जिले में विभिन्न सरकारी विभागों के साथ मिलकर महिला अधिकारिता विभाग कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहा है।
सन 2019 – 20 में लगभग 26 बाल विवाह या तो रोके गए या शून्य घोषित करवाए गए जिनमें अधिकांश लड़कियां थी। जिनका बाद में पुन: अभिभावकों को समझाकर विद्यालयों में प्रवेश दिलाया गया, इसमें नृपेंद्र सिंह की महती भूमिका थी।
करोना कॉल में मार्च महीने में स्थानीय स्तर पर एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया था जिसका प्रभारी नृपेंद्र सिंह को बनाया गया है जो अब तक सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है तथा विभिन्न सरकारी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर अपने कार्य को अंजाम दे रहा है। वर्तमान में महिला अधिकारिता विभाग शिक्षा विभाग एवं अन्य विभागों के साथ मिलकर जिले भर के ड्रॉपआउट बालिकाओं को पुन: ओपन स्कूलों में जोडऩे के लिए शिक्षा सेतु नामक एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, इस अभियान के तहत अब तक 320 ड्रॉपआउट बालिकाएं, जो किसी कारण से अपनी पढ़ाई को बीच में ही छोड़ दिया था, को पुन: पहचान कर उनका प्रवेश ओपन विद्यालयों में किया जा चुका है।
ऑडिटोरियम में चल रहे इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भरतपुर के जिला कलेक्टर नथमल डिडेल थे। इसके अलावा सीईओ जिला परिषद, जिला शिक्षा अधिकारी, उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास मोनिका बराला उप निदेशक महिला अधिकारिता विभाग अमित गुप्ता, लूपिन फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक सीताराम गुप्ता जिले भर में कार्य कर रहे समस्त सीडीपीओ तथा लगभग 100 अन्य लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में सरकार द्वारा जारी किए गए कोरोना से बचाव के लिए गाइडलाइन का विशेष रूप से पालन किया गया तथा मंच से यह भी संदेश दिया गया कि कोरोना से बचाव ही इसका इलाज है। जिला कलेक्टर ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ तथा अन्य कार्यक्रमों के साथ-साथ कोरोना काल में बचाव के लिए जारी किए गए गाइडलाइन को प्रत्येक व्यक्ति से पालन करने हेतु कहा और मीडिया को भी इन कार्यक्रमों को अधिक से अधिक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित करने के लिए कहा जिससे कि अधिक से अधिक लोगों में सरकार के संदेशों को उन तक पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम में लगभग 61 प्रतिभाओं प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।

अभिषेक लट्टा - प्रभारी संपादक मो 9351821776

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